ध्यान की प्रारंभिक अवस्था में चंचल मन को वश में करने के 5 प्रभावी प्राणायाम व ध्यान विधियाँ। जानिए कैसे दैनिक साधना से मानसिक शांति और एकाग्रता प्राप्त करें।
ध्यान साधना मार्ग पर चलने वाले प्रत्येक साधक का प्रथम प्रश्न यही होता है कि मन की चंचलता को कैसे स्थिर किया जाए। जब भी हम आँखें बंद करके ध्यान में बैठते हैं, हमारे विचार और अधिक वेग से दौड़ने लगते हैं।
1. श्वास पर ध्यान केंद्रित करें (आनापानसती)
ध्यान की सबसे सरल और प्रभावी विधि है श्वास-प्रश्वास का अवलोकन। जब आप नाक के छिद्रों से आती-जाती श्वास को शांत भाव से देखते हैं, तो मन स्वतः ही वर्तमान क्षण में रुकने लगता है।
2. नियमितता और समय
प्रतिदिन प्रातः 4:00 से 6:00 बजे (ब्रह्ममुहूर्त) के समय ध्यान करना अत्यंत फलदायी होता है। इस समय प्रकृति में सात्विक ऊर्जा का प्रवाह उच्चतम होता है।
ध्यान कोई क्रिया नहीं, बल्कि बोध की एक सहज स्थिति है जब चित्त शांत हो जाता है।