ट्रस्ट: महर्षि औघड़दास बाबा सेवा फाउन्डेसन

श्री औघड़दास आश्रम (यज्ञ लोक)

राधिकापुरी, पड़रा, रीवा (मध्य प्रदेश)

ॐ नमः शंकराय ॐ ९९९
temple_hindu आध्यात्मिक परिचय

भगवान शिव को समर्पित पावन यज्ञ भूमि

रीवा में स्थित औघड़ दास आश्रम (यज्ञ लोक) राधिकापुरी, पादरा में स्थित एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र है, जो भगवान शिव को समर्पित है और दिवंगत तपस्वी औघड़ दास बाबा की विरासत से जुड़ा हुआ है।

प्रमुख परंपराएँ और गतिविधियाँ:

मासिक कार्यक्रम: स्थानीय समिति द्वारा संचालित एक सतत परंपरा के तहत, प्रत्येक माह की 9 तारीख को एक विशेष दरिद्र नारायण सेवा (सामुदायिक भोजन वितरण) और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है।

महत्व: यह स्थल स्थानीय स्तर पर एक आध्यात्मिक स्थल के रूप में पूजनीय है, जो शिव पूजा और सामुदायिक दान से जुड़ा हुआ है।

महर्षि औघड़दास बाबा जी एवं आश्रम
दिव्य जीवन गाथा

परम पूज्य महर्षि औघड़दास बाबा जी का संक्षिप्त परिचय

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3100 वर्ष पुरानी शक्ति का साक्षात्कार

धौरमती नदी के पूर्व में स्थित पड़ा सुआरन टोला के एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे पंडित सरयू प्रसाद जी का जीवन सन 1962 में अमरकंटक की यात्रा के दौरान पूरी तरह बदल गया, जब उन्हें एक दिव्य ऋषि के रूप में 3100 वर्ष पुरानी आध्यात्मिक शक्ति का साक्षात्कार हुआ।

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28 वर्षों की मौन साधना

उसी शक्ति के प्रभाव से वे शिव उपासक औघड़दास बाबा के रूप में प्रतिष्ठित हुए। सन 1962 से 1990 तक 28 वर्षों तक उन्होंने अनवरत साधना की और स्वयं को पूर्णतः शिव भक्ति एवं तप में समर्पित कर दिया।

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आलू-सन्यास संकल्प (1990 - 2023)

नवंबर 1990 में आश्रम की स्थापना के बाद बाबा जी ने सन्यास लिया और विश्व कल्याण हेतु आजीवन अन्न का त्याग कर केवल उबले हुए आलू का सेवन करने का 33 वर्षों का अत्यंत कठोर संकल्प लिया।

पावन इतिहास

विश्व कल्याणार्थ 18 रुद्र महायज्ञों की पावन श्रृंखला

नवंबर 1990 में आश्रम स्थापना से प्रारंभ हुई अनवरत रुद्र महायज्ञों की सूची, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं एवं संतों ने भाग लिया:

1

प्रथम रुद्र महायज्ञ

9 नवंबर 1990 से 13 नवंबर 1990

2

द्वितीय रुद्र महायज्ञ

14 नवंबर 1991 से 22 नवंबर 1991

3

तृतीय रुद्र महायज्ञ

10 नवंबर 1997 से 14 नवंबर 1997

4

चतुर्थ रुद्र महायज्ञ

26 नवंबर 2001 से 30 नवंबर 2001

5

पंचम रुद्र महायज्ञ

11 नवंबर 2002 से 19 नवंबर 2002

6

षष्ठम रुद्र महायज्ञ

2 नवंबर 2003 से 8 नवंबर 2003

7

सप्तम रुद्र महायज्ञ

5 नवंबर 2005 से 15 नवंबर 2005

8

अष्टम रुद्र महायज्ञ

6 नवंबर 2006 से 15 नवंबर 2006

9

नवम रुद्र महायज्ञ

6 अप्रैल 2008 से 14 अप्रैल 2008

10

दशम रुद्र महायज्ञ

9 नवंबर 2008 से 13 नवंबर 2008

11

11वां रुद्र महायज्ञ

25 अक्टूबर 2009 से 2 नवंबर 2009

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12वां रुद्र महायज्ञ (परम संकल्प अति रुद्र महायज्ञ)

11 नवंबर 2010 से 21 नवंबर 2010

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13वां रुद्र महायज्ञ

4 नवंबर 2011 से 10 नवंबर 2011

14

14वां रुद्र महायज्ञ

16 नवंबर 2012 से 28 नवंबर 2012

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15वां रुद्र महायज्ञ

25 अक्टूबर 2014 से 6 नवंबर 2014

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16वां रुद्र महायज्ञ (शिव शक्ति महायज्ञ)

17 नवंबर 2015 से 25 नवंबर 2015

17

17वां रुद्र महायज्ञ

6 नवंबर 2016 से 14 नवंबर 2016

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18वां रुद्र महायज्ञ

27 अक्टूबर 2017 से 4 नवंबर 2017

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"जीव की सेवा, जाति की नहीं"

"जो सेवा जाति देखकर की जाए, वह सेवा नहीं, अहंकार है। सच्चा साधु वही है जो हर जीव में परमात्मा को देखे।"

— परम पूज्य महर्षि औघड़दास बाबा जी —

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महर्षि औघड़दास बाबा सेवा फाउंडेशन

यह तपस्वी जीवन 14 जून 2023, एकादशी के पावन दिन, अपने पूर्ण विराम पर पहुँचा जब पूज्य बाबा जी ने अपना नश्वर शरीर त्याग दिया। उनका जीवन प्रेरणा, साधना और सेवा की मिसाल है।

परम पूज्य बाबा जी के देहावसान उपरांत, उनकी सेवा परंपरा को निरंतर जीवित रखने हेतु महर्षि औघड़दास बाबा सेवा फाउंडेशन की स्थापना की गई। श्री गजेन्द्र दुबे जी के नेतृत्व में यह फाउंडेशन बाबा जी के सिद्धांतों को मूर्त रूप देने हेतु निरंतर कार्यरत है।

"सेवा ही सच्चा साधन है, समरस समाज ही सच्चा लक्ष्य।"

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त्रयोदशवाँ ज्योतिर्लिंग चिंतन

परम पूज्य बाबा जी का यह गहन आध्यात्मिक चिंतन था कि आने वाले सौ-दो सौ वर्षों के पश्चात् यह पावन धरा त्रयोदशवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजित होगी। बाबा जी का विश्वास था कि भविष्य में इस आश्रम में प्रतिष्ठित श्री औधरेश्वर महादेव तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में लोक आस्था का केंद्र बनेंगे।

परमात्मा शिव, माता अन्नपूर्णा एवं परम पूज्य औघड़दास बाबा जी की असीम कृपा से श्री गजेन्द्र दुबे जी औघड़दास आश्रम, महर्षि औघड़दास बाबा सेवा फाउण्डेशन व दरिद्रनारायण सेवा संस्थान के समस्त कार्यों का संचालन कर रहे हैं।

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स्थान एवं पता

वार्ड नंबर 4, राधिकापुरी, पड़रा, रीवा, मध्य प्रदेश, भारत

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संपर्क सूत्र

+91 94249 11896

schedule

दर्शन समय

प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक